पुस्तकालय के लोकार्पण पर नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्त Kailash Satyarthi के बुन्देली भाषा में विचार

कैलाश सत्यार्थी के प्रमुख प्रेरक विचार:

पुस्तकालय ज्ञान की चिंगारी: उन्होंने कहा कि पुस्तकालय सिर्फ ईंट-पत्थर की इमारत नहीं हैं, बल्कि यह समाज में ज्ञान की चिंगारी जगाने का माध्यम हैं।

महिला शिक्षा के लिए मील का पत्थर: बुंदेलखंड में इस पुस्तकालय को क्षेत्र की बहन-बेटियों के लिए ज्ञान अर्जित करने और आगे बढ़ने का बड़ा अवसर बताया।

पुस्तकालय आंदोलन की जरूरत: उन्होंने कहा कि यदि बुंदेलखंड में ऐसे 100 पुस्तकालय बनते हैं तो यह एक बड़े ज्ञान आधारित आंदोलन का रूप ले सकता है।

व्यक्तित्व विकास: उन्होंने जोर दिया कि किताबें केवल परीक्षा पास करने का जरिया नहीं हैं, बल्कि ये इंसान की सोच और व्यक्तित्व को मजबूत बनाती हैं।
सामाजिक बदलाव: शिक्षा और पुस्तकालय को बाल श्रम व शोषण के खिलाफ लड़ाई का सबसे शक्तिशाली हथियार माना।
यह कार्यक्रम जालौन में आयोजित हुआ था।